google-site-verification=V6YanA96_ADZE68DvR41njjZ1M_MY-sMoo56G9Jd2Mk How to Increase Mind Awareness? - Satyam Education

How to Increase Mind Awareness?

1.दिमागी जागरूकता कैसे बढ़ाएं?(How to Increase Mind Awareness?):

दिमागी जागरूकता कैसे बढ़ाएं?(How to Increase Mind Awareness?), इसके लिए कुछ खास टिप्स का पालन करना होगा। दिमागी जागरूकता तथा सचेतन प्रक्रिया को अपनाकर दिमागी तनाव और चिन्ता को दूर किया जा सकता है।

बच्चों की तरह जीवन जीना कोई मामूली बात नहीं है।बच्चे आनन्दपूर्वक अपने जीवन को व्यतीत करते हैं। उनमें कोई राग-द्वेष,चिन्ता-फिक्र और कोई तनाव नहीं होता है। बच्चे अनेक कार्यों जैसे होमवर्क, एक्सट्रा क्लास,ट्यूशन,हाॅबी क्लास आदि को एक साथ कर लेते हैं।इतने सारे कार्यों को एक साथ करने से बच्चों में रोज की भाग दौड़,व्यस्तता के कारण उनके स्वभाव में चिन्ता, तनाव व चिड़चिड़ापन जैसे भाव पैदा होना स्वाभाविक है।

इसके कारण माता-पिता अभिभावक,अध्यापक,स्कूल प्रशासक व समाज के सामने एक बड़ी चुनौती पैदा हो जाती है कि बच्चों की उपर्युक्त भावनाओं को नियन्त्रित करके उनके मानसिक विकास को सही दिशा दे सकें।

(1.) बच्चों को असफलता का सही अर्थ सिखाएं (Teach kids the true meaning of failure):

असफलता का प्रभाव बच्चों पर ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े चिंतकों, मनीषियों व मनुष्यों पर भी पड़ता है। बच्चों को असफलता पढ़ाई में, खेलों में, प्रतियोगिता परीक्षाओं में मिल जाती है।असफलता को लेकर बच्चे इतने निराश हो जाते हैं जैसे कि यह उनका अन्तिम मौका था।

स्कूलों में परम्परागत तरीके से पढ़ाई के तरीके का विद्यार्थी की मानसिक स्थिति पर काफी प्रभाव पड़ता है। जैसे 10वीं सीजीपीए (CGPA) प्रणाली के द्वारा विद्यार्थियों के परिणाम को दर्शाया जाता है जिसमें 91 अंक हासिल करने वाले तथा 100 अंक हासिल करने वाले दोनों विद्यार्थियों को A1 ग्रेड दिया जाता है। शिक्षा प्रणाली द्वारा लाए गए इस बदलाव के कारण किसी विद्यार्थी की सफलता का सही मूल्यांकन करना मुश्किल हो गया है।ऐसी स्थिति में विद्यार्थी अपने आपको असफल के रूप में देखता है।

(2.)सचेतन प्रक्रिया के द्वारा अपने आपको जागरूक करें (Make yourself aware through the mindfulness process):

सचेतन एक ऐसु प्रक्रिया है जो आपके दिमागी जागरूकता को बढ़ाती है।इस प्रक्रिया के द्वारा वर्तमान में हमारे आस-पास घट रही घटनाओं या विषम परिस्थितियों के प्रति जागरूकता पैदा होती है। इसमें आप घटनाओं को समझते हुए उचित प्रतिक्रिया देते हैं।सचेतन प्रक्रिया सीखी नहीं जाती बल्कि अनुभव की जाती है। अर्थात् स्वयं का बोध होना,स्वयं की वास्तविक स्थिति को समझना।जब व्यक्ति को स्वयं का बोध हो जाता है तो शरीर के जो हिस्से तथा दिमाग के जो हिस्से निष्क्रिय हैं वे सक्रिय हो जाते हैं। इससे आप अपने पढ़ाई के टाॅपिक को समझने और याद करने में अच्छी तरह सक्षम होते हैं।

कई बार विद्यार्थी परीक्षा में असफल हो जाते हैं तो वे इससे सीधे-सीधे प्रभावित और तनावग्रस्त हो जाते हैं।इस कारण विद्यार्थी कई बार आत्महत्या तक कर लेते हैं।इसी प्रकार कई बच्चे माता-पिता,अध्यापक की डांट-डपट का इतना बुरा मान लेते हैं कि वे अपने जीवन को नुकसान पहुंचाने जैसा कदम उठा लेते हैं।

इस प्रकार की स्थितियों में बच्चों को सही मार्गदर्शन करने की आवश्यकता होती है।सचेतन प्रक्रिया के द्वारा बच्चों को इस प्रकार की घटनाओं में सहज होना सिखाया जा सकता है।बच्चे सचेतन प्रक्रिया अर्थात् अपने स्वरूप का बोध हो जाता है तो वे इस प्रकार की घटनाओं को सामान्य तरीके से लेते हैं।वे कोई ऐसा कदम नहीं उठाते हैं जिससे उन्हें नुकसान पहुंचे।

(3.)अस्थिरता में स्थिर होना सीखाएं (Learn to be stable in instability):

How to Increase Mind Awareness?
How to Increase Mind Awareness?

सचेतन क्रिया कोई ध्यान व योग की प्रक्रिया नहीं है।इस प्रक्रिया को सहज रूप में अपनाया जा सकता है।अपनी मानसिक व शारीरिक गतिविधियों में संतुलन बनाना जरूरी है। किसी भी काम को शुरू करने से पहले अपनी क्षमता का आकलन करें।इसके पश्चात् योजनाबद्ध तरीके से उसे कुशलतापूर्वक पूरा करने व अन्तिम अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास करें।किसी भी प्रकार की बाधा आने पर दिमागी संतुलन न खोएं बल्कि उस बाधा का समाधान निकालने की कोशिश करें।

(4.) नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदले (Turn negativity into positivity):

किसी भी कार्य में असफलता मिलने पर हिम्मत न हारे। बल्कि उस असफलता से सीख लें। अपने पूरे कार्य का मूल्यांकन करें और पता लगाएं कि कहां पर क्या कमी रह गयी थी जिससे असफलता मिली।असफलता में भी माता-पिता का कर्त्तव्य है कि बच्चों को सकारात्मक होना सिखाएं। अर्थात् असफलता में भी सीख लेने के गुर सीखाएं।साथ ही यह भी समझाएं कि उक्त परिस्थिति में सही निर्णय किस प्रकार लिया जा सकता है। उन्हें धीरज रखना सीखाएं। बच्चों का हौसला बढ़ाएं।

(5.) अच्छे कार्य की प्रशंसा करना सीखें (Learn to appreciate good work):

आपके सहपाठी यदि सफल होते हैं और अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होते हैं तो उनसे ईर्ष्या न करें। बल्कि उनकी सफलता में खुश होना सीखें।उनकी खुशी में सहयोगी बने।

ईर्ष्या एक ऐसी कुप्रवृत्ति है जो व्यक्ति को खुद को ही नुकसान पहुंचाती है। ईर्ष्या के कारण सामनेवाले को तो कोई नुकसान नहीं होता है परन्तु जिसमें ईर्ष्या का भाव आ जाता है,वह स्वयं ही अन्दर जलता रहता है। ईर्ष्या व्यक्ति को खोखला कर देती है।आपकी वास्तविक क्षमता को अन्दर ही अन्दर कमजोर करती रहती है। इसलिए दूसरों की सफलता में खुश होना सीखें।

How to Increase Mind Awareness?
How to Increase Mind Awareness?

इस प्रकार सचेतन प्रक्रिया में उक्त टिप्स को अपनाएं तो आपका जीवन तनाव व चिन्ता मुक्त हो सकता है।ये ऐसी साधारण टिप्स हैं जिन्हें हर कोई विद्यार्थी आसानी से अपने जीवन में अपना सकता है। उक्त टिप्स आपकी दिमागी जागरूकता बढ़ाने में मदद करती है।

उपर्युक्त विवरण में दिमागी जागरूकता कैसे बढ़ाएं?(How to Increase Mind Awareness?) की टिप्स बताई गई हैं जिनका पालन करके दिमागी जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

2.दिमागी जागरूकता कैसे बढ़ाएं?(How to Increase Mind Awareness?) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.दिमागी जागरूकता का अभ्यास करने के 5 तरीके क्या हैं? (What are 5 ways that you can practice Mindfulness?):

उत्तर-ध्यान या अन्य तकनीकों के माध्यम से माइंडफुलनेस का अभ्यास करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों में सुधार होता है।अभी आरंभ करने के लिए इन युक्तियों का पालन करें।

अभी दिमागी जागरूकता का अभ्यास करने के 5 तरीके

आप जो कर रहे हैं उसे रोकें और एक सांस लें।अपनी सांस की अनुभूति को नोटिस करने के लिए कुछ समय निकालें।

अपना फोन नीचे रखो।

एक समय में एक ही काम करें।

रोज़मर्रा के कार्यों में ध्यान देने योग्य क्षण खोजें।

आपके द्वारा पहले से की गई हलचल पर ध्यान दें।

प्रश्न:2.मैं अपने दिमाग की जागरूकता कैसे बढ़ा सकता हूँ? (How can I increase my mind Awareness?):

उत्तर-अधिक सावधान रहें:अपनी जागरूकता को बेहतर बनाने के लिए 7 टिप्स

ध्यान करो।चुपचाप बैठने और अपनी सांसों का अनुसरण करने के लिए केवल 5 मिनट का समय लेने से आपको अपने शेष दिन के लिए अधिक जागरूक और जुड़ा हुआ महसूस करने में मदद मिल सकती है।

एक समय में एक चीज पर फोकस करें।

गति कम करो।

मन लगाकर खाओ।

फोन और कंप्यूटर के समय को नियंत्रण में रखें।

हलचल करो।

प्रकृति में समय बिताएं।

कॉर्नेल विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, ऐसा करने से चेतना की सबसे अनुकूल स्थिति को प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है।अलग-अलग टेस्टिंग के दौरान।

आपकी याददाश्त में सुधार के 14 प्राकृतिक तरीके -

माइंडफुलनेस एक मानसिक स्थिति है जिसमें आप अपनी वर्तमान स्थिति पर ध्यान केंद्रित करते हैं,अपने परिवेश और भावनाओं के बारे में जागरूकता बनाए रखते हैं।

प्रश्न:3.दिमागी जागरूकता के 3 सकारात्मक प्रभाव क्या हैं? (What are 3 positive effects of Mindfulness?):

उत्तर-माइंडफुलनेस कर सकती है: तनाव को दूर करने, हृदय रोग का इलाज करने, रक्तचाप को कम करने, पुराने दर्द को कम करने, नींद में सुधार करने और जठरांत्र संबंधी कठिनाइयों को कम करने में मदद कर सकता है।दिमागीपन मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है।

इसके सैद्धांतिक लाभों में आत्म-नियंत्रण,निष्पक्षता, सहनशीलता को प्रभावित करना, बढ़ाया लचीलापन, समभाव, बेहतर एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक।

दिमागीपन और ध्यान के 6 वैज्ञानिक रूप से सिद्ध लाभ

1.माइंडफुलनेस चिंता को कम करता है।2.माइंडफुलनेस मेडिटेशन अंतर्निहित उम्र और नस्ल पूर्वाग्रह को कम करता है।3.माइंडफुलनेस-आधारित संज्ञानात्मक थेरेपी।

ध्यान के लाभ: ध्यान के 12 विज्ञान आधारित लाभ भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।ध्यान के कुछ रूपों से बेहतर आत्म-छवि और जीवन के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण प्राप्त हो सकता है।

पांच तरीके माइंडफुलनेस मेडिटेशन आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

अब तक के अध्ययनों से पता चलता है कि दिमागीपन हमारे मनोवैज्ञानिक कल्याण के कई पहलुओं को प्रभावित करता है- हमारे मूड में सुधार, सकारात्मक वृद्धि।

प्रश्न:4.एक जागरूक व्यक्ति बनने के लिए क्या करना पड़ता है? (What does it takes to become a Mindful person?):

उत्तर-इसका अर्थ है निर्णय के बिना अपने विचारों और भावनाओं से अवगत होना।याद रखें कि किसी भी क्षण सोचने या महसूस करने का कोई "सही" या "गलत" तरीका नहीं है।अपने विचारों और भावनाओं के बारे में अधिक जागरूक और जागरूक होने से,आप खुद को इस पल में जीना और जीवन का आनंद लेना सिखा सकते हैं।

प्रश्न:5.दिमाग की जागरूकता कैसे बढ़ाएं? (How to increase Awareness of mind?):

उत्तर-नीचे पाँच हैं जिन्हें मैंने सबसे अच्छा काम करने के लिए पाया है:

ध्यान करो।हाँ, ध्यान करो।

अपनी प्रमुख योजनाओं और प्राथमिकताओं को लिखें।आत्म-जागरूकता बढ़ाने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक यह है कि आप जो करना चाहते हैं उसे लिख लें और अपनी प्रगति को ट्रैक करें।

साइकोमेट्रिक टेस्ट लें।

विश्वसनीय मित्रों से पूछें।

काम पर नियमित प्रतिक्रिया प्राप्त करें।

जब हम स्पष्टता हासिल कर लेते हैं, तो सब कुछ आसान लगने लगता है।एक पल के लिए रुकें और गहरी सांस लें। चारों ओर देखें और पांच चीजें देखें जो आप देख सकते हैं।

इस बात पर ध्यान दें कि आप अन्य लोगों के बारे में जो परेशान करते हैं।अपने दिमाग पर ध्यान दें।उच्च गुणवत्ता वाली कथा पढ़ें।अपने भावनात्मक क्रिप्टोनाइट की पहचान करें।

भावनाओं और वृत्ति के बजाय मन और तर्क द्वारा अपने कार्यों में निर्देशित रहें।अपने दिमाग को नियंत्रित और विवश करें।

प्रश्न:6.दिमागी जागरूकता वास्तव में क्या है? (What exactly is Mindfulness?):

उत्तर-माइंडफुलनेस एक प्रकार का ध्यान है जिसमें आप बिना किसी व्याख्या या निर्णय के,इस समय जो महसूस कर रहे हैं और महसूस कर रहे हैं, उसके बारे में गहन रूप से जागरूक होने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।माइंडफुलनेस का अभ्यास करने में शरीर और दिमाग को आराम देने और तनाव को कम करने में मदद करने के लिए सांस लेने के तरीके, निर्देशित इमेजरी और अन्य अभ्यास शामिल हैं।

माइंडफुलनेस का अर्थ है अपने विचारों, भावनाओं, शारीरिक संवेदनाओं और आस-पास के वातावरण के बारे में पल-पल जागरूकता बनाए रखना।

माइंडफुलनेस की परिभाषा।दिमागीपन पूरी तरह से उपस्थित रहने की बुनियादी मानवीय क्षमता है,हम जहां हैं और हम जो कर रहे हैं,इसके बारे में जागरूक हैं और नहीं।

माइंडफुलनेस जागरूकता है जो ध्यान देने, उद्देश्य पर, वर्तमान क्षण में और गैर-निर्णय के माध्यम से उत्पन्न होती है।

प्रश्न:7.मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए गतिविधियाँ (Activities to improve mental health):

उत्तर-यहां कुछ गतिविधियां दी गई हैं जो आपके समग्र मनोवैज्ञानिक कल्याण को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।

पूरी नींद लें।

दिन के छोटे-छोटे पहलुओं का आनंद लेने के लिए रुकें।

स्ट्रेस बॉल या किसी अन्य स्ट्रेस रिलीवर का इस्तेमाल करें।

दयालुता का एक यादृच्छिक कार्य करें।

व्यायाम।

गहरी सांस लेने के व्यायाम।

योग।

एक कुत्ता पालें।

अपने आप को दया और सम्मान के साथ व्यवहार करें‌ और आत्म-आलोचना से बचें।अपने शौक और पसंदीदा परियोजनाओं के लिए समय निकालें, या अपने क्षितिज का विस्तार करें।

एडीएचडी (Attention deficit hyperactivity disorder ) के लक्षणों को कम करने और एकाग्रता, प्रेरणा, स्मृति और मनोदशा में सुधार करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना सबसे आसान और सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

प्रश्न:8.माइंडफुलनेस मेडिटेशन (Mindfulness Meditation):

उत्तर-माइंडफुलनेस मेडिटेशन

माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक मानसिक प्रशिक्षण अभ्यास है जो आपको रेसिंग विचारों को धीमा करना,नकारात्मकता को दूर करना और अपने मन और शरीर दोनों को शांत करना सिखाता है।तकनीक अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर, दिमागीपन ध्यान में गहरी सांस लेने और शरीर और दिमाग के बारे में जागरूकता शामिल होती है।

एक साधारण ध्यान का अभ्यास।आराम से बैठें।एक ऐसा स्थान खोजें जो आपको एक स्थिर, ठोस,आरामदायक सीट प्रदान करे।ध्यान दें कि आपके पैर क्या कर रहे हैं।अपने ऊपरी हिस्से को सीधा करें।

माइंडफुलनेस मेडिटेशन आपके विचारों को भटकने देने के बारे में नहीं है।लेकिन यह आपके दिमाग को खाली करने की कोशिश करने के बारे में भी नहीं है।इसके बजाय, अभ्यास में करीब भुगतान करना शामिल है।

बौद्ध धर्म में निहित, माइंडफुलनेस मेडिटेशन ने स्वयं सहायता आंदोलन में एक प्रमुख स्थान विकसित किया है।

प्रश्न:9.माइंडफुलनेस का अभ्यास कैसे करें? (How to practice Mindfulness?):

उत्तर-यहां 10 आसान तरीके दिए गए हैं जिनसे आप अपने दैनिक जीवन में ध्यान का अभ्यास कर सकते हैं।

ध्यान से खाओ।

ध्यान से चलें।

अपनी श्वास का निरीक्षण करें।

अपनी इंद्रियों से जुड़ें।

कार्रवाई के बीच रुकें।

पूरे मन से सुनो।

उन चीजों को करने के प्रवाह में खो जाओ जिन्हें आप पसंद करते हैं।

रोजाना मध्यस्थता करें।

सोच-समझकर कार्य करें।दिन के दौरान एक गतिविधि चुनें जिसे आप ध्यान से करेंगे,यानी पूरी जागरूकता के साथ।

ध्यान का अभ्यास करने के तरीके-1.अपनी श्वास का निरीक्षण करें।2.प्रकृति की सैर के लिए जाएं।3.दिन भर में मिनी ब्रेक लें।

माइंडफुलनेस का अभ्यास करने के अलग-अलग तरीके+

भोजन करते समय ध्यान का अभ्यास करने के लिए, बिना किसी अन्य विकर्षण के खाने के अनुभव के साथ पूरी तरह से जुड़ें।भोजन को सूंघें, भोजन को स्पर्श करें,उसे अपने भीतर महसूस करें।

प्रश्न:10.मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कैसे करें? (How to improve mental health?):

उत्तर-अपने मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करें

अपनी भावनाओं के बारे में बात करें।अपनी भावनाओं के बारे में बात करने से आपको अच्छे मानसिक स्वास्थ्य में रहने में मदद मिल सकती है और ऐसे समय का सामना करना पड़ सकता है जब आप परेशान महसूस करते हैं।

चुस्त रखो।

अच्छा खाएं।

सोच-समझकर पियो।

संपर्क में रहना।

मदद के लिए पूछना।

एक ब्रेक ले लो।

कुछ ऐसा करें जिसमें आप अच्छे हों।

चीजें जो आप अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए कर सकते हैं |

पौष्टिक भोजन करें।धूम्रपान और वापिंग से बचें।समाप्ति सहायता देखें।खूब पानी पिएं।व्यायाम करें, जो अवसाद और चिंता को कम करने और बेहतर बनाने में मदद करता है।

बेहतर मानसिक स्वास्थ्य का निर्माण-

बेहतर मानसिक स्वास्थ्य का निर्माण करना।एक मिलनसार चेहरे से बात करें।अपनी इंद्रियों के लिए अपील करें।फुर्सत के समय को प्राथमिकता दें।चिंतन और प्रशंसा के लिए समय निकालें।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए 5 कदम-

सबूत बताते हैं कि आप अपने मानसिक स्वास्थ्य और सेहत को बेहतर बनाने के लिए 5 कदम उठा सकते हैं।इन चीजों को आजमाने से आपको अधिक सकारात्मक और सक्षम महसूस करने में मदद मिल सकती है।

अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए 10 शीर्ष युक्तियाँ-

अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए 10 शीर्ष युक्तियाँ।भरपूर नींद लें।अच्छा खाएं।शराब,धूम्रपान और नशीली दवाओं से बचें।भरपूर धूप लें।तनाव को प्रबंधित करें।गतिविधि और व्यायाम करें।

आपके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए 7 युक्तियाँ

मानसिक स्वास्थ्य योजना बनाएं।कार्रवाई का पहला कोर्स उन कार्यों का नक्शा बनाना है जो स्वस्थ मानसिकता को जन्म देंगे।शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं।

मानसिक स्वास्थ्य: अपने भावनात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखना-

अपनी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं से अवगत रहें।ध्यान दें कि आपके जीवन में क्या आपको उदास,निराश या क्रोधित करता है।अपनी भावनाओं को उचित तरीके से व्यक्त करें।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा दिमागी जागरूकता कैसे बढ़ाएं?(How to Increase Mind Awareness?) की ओर टिप्स बताई गई है।

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अपने बारे में:मैं सत्यम एजुकेशन वेबसाइट का मालिक हूं।मैं मनोहरपुर जिला-जयपुर (राजस्थान) भारत पिन कोड -303104 से सत्य नारायण कुमावत हूं।मेरी योग्यता -बी.एससी,बीएड है.मैंने एमएससी के बारे में पढ़ा है।किताबें:मनोविज्ञान,दर्शन,आध्यात्मिक,वैदिक,धार्मिक,योग,स्वास्थ्य और कई अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढी हैं।मुझे M.sc,एम.कॉम.,अंग्रेजी और विज्ञान तक लगभग 15 वर्षों का शिक्षण अनुभव है। (About my self I am owner of Satyam Education website.I am satya narain kumawat from manoharpur district-jaipur (Rajasthan) India pin code-303104.My qualification -B.SC. B.ed. I have read about m.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 15 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.)

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